Varanasi Chinese Products Ban News : बनारस की काष्ठ-कला पूरी दुनिया में मशहूर है, खोजवां है सबसे बड़ा हब 

Varanasi Chinese Products Ban News

बाजार से इन चीनी खिलौनों के गायब होने पर अब बनारसी लकड़ी के खिलौनों की मांग देश सहित विदेशों में भी बढ़ेगी । बनारस की काष्ठ-कला (लकड़ी से बनी मूर्तियां) पूरी दुनिया में मशहूर है । चीनी उत्पादों पर प्रतिबंध के बाद अब चीनी खिलौनों पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है ।

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यहां बने लकड़ी के तरह-तरह के खिलौनों रेलगाड़ी, गुड़िया, सिंदूरदान, चूड़ीकेस के अलावा सजावटी सामान इंटीरियर डेकोरेशन में भी काफी प्रयोग हो रहा है । इस काष्ठ कला ने दुनिया में बनारस को एक अलग पहचान दी है । 

जीआई (जियोग्राफिकल इंडीकेशन) टैग मिलने के बाद बनारस का लकड़ी कारोबार 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है । अब और भी बढ़ने का अनुमान हस्तशिल्प जता रहे हैं ।

कश्मीरीगंज, खोजवां इलाके में बड़े स्तर पर लकड़ी के खिलौने बनाए जाते हैं, जबकि लहरतारा, कॉरोअमा गांव में फ्लावर पॉट, नकासी पर किए गए ऐंटीक आइटम बनाए जाते हैं । यह आइटम विदेशों में खूब पसंद किए जाते हैं ।

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खोजवां है सबसे बड़ा हब 

शहर का कश्मीरीगंज इलाका लकड़ी के खिलौने बनाने का प्रमुख केंद्र माना जाता है । लकड़ी के खिलौने बनाने वाली खराद की मशीनें नवापुरा, जगतगंज, बड़ागांव, हरहुआ, लक्सा, दारानगर में भी चलती हैं । यहां तीन हजार से अधिक कारीगर जंगली लकड़ी ‘कोरैया’ से कई प्रकार के खिलौने तैयार करते हैं ।

खोजवां के कश्मीरीगंज में बड़े स्तर पर लकड़ी के खिलौने बनाए जाते हैं । पांच साल पहले यह कला अपने अंतिम दौर में थी, लेकिन भारत सरकार और विदेशों में बढ़ रही मांग के कारण यह कला फिर से पसंद की जाने लगी है । 

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