Sachin Pilot Ashok Gehlot Rajasthan Chief Minister Crisis December Decision – India Hindi News


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Sachin Pilot vs Ashok Gehlot: राजस्थान संकट के हल का इंतजार कर रहे कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए आखिर वह घड़ी नजदीक आ ही गई है, जिसका बेसब्री से इंतजार हो रहा था। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान इसी महीने अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच के विवाद का हल निकाल सकता है। मालूम हो कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ राजस्थान में चार दिसंबर की शाम को प्रवेश करने वाली है। यह यात्रा प्रदेश में लगभग 15 दिनों तक चलेगी और इस दौरान 520 किलोमीटर लंबा सफर तय होगा। वहीं, गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों का भी ऐलान आठ दिसंबर को होने जा रहा है।

कांग्रेस आलाकमान ने बना लिया है ‘मूड’

राजस्थान में सचिन पायलट लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन की राह देख रहे हैं। उनके समर्थक अशोक गहलोत की जगह सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान ने भी राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन का मन बना लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भारत जोड़ो यात्रा और गुजरात चुनाव के चलते इस पर फैसला नहीं ले रहे थे। माना जा रहा है कि गुजरात चुनाव के नतीजों के आने के बाद और राजस्थान में यात्रा के अंतिम दिनों के दौरान ही इस पर फैसला लिया जा सकता है और मुख्यमंत्री में बदलाव किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो राजस्थान में करवाया गया कांग्रेस का आंतरिक सर्वे भी अशोक गहलोत की बजाए सचिन पायलट के पक्ष में गया था, जिसके चलते कांग्रेस आलाकमान ने वहां एक नया चेहरा देना तय किया है। 

अब तक राजस्थान संकट हल करने से क्यों बचती रही कांग्रेस?

कांग्रेस आलाकमान ने 25 सितंबर को राजस्थान में मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन को भेजकर एक लाइन का प्रस्ताव पारित करवाने के लिए कहा था। लेकिन अशोक गहलोत के करीबी विधायकों की बगावत के बाद ऐसा संभव नहीं हो सका था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि देर-सबेर गहलोत को बदलकर सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। हालांकि, तब से अब तक दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन फैसला नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो अशोक गहलोत के गुजरात चुनाव के सीनियर ऑब्जरवर बनाए जाने की वजह से और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के राजस्थान से गुजरने की वजह से इस पर अब तक कोई भी फैसला नहीं लिया जा सका था। अब इसी महीने इस पर फैसला लिया जा सकता है।

पोस्टरों में पायलट-ही-पायलट

राजस्थान में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की एंट्री झालावाड़ से होगी। अभी से ही तैयारियां शुरू हो गई हैं। सचिन पायलट के चेहरे को झालावाड़ में काफी अहमियत दी जा रही है। झालावाड़ में लगाए गए बैनर और पोस्टरों में सिर्फ पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ही दिखाई दे रहे हैं। सड़क के दोनों ओर पोस्टरों पर राहुल गांधी और सचिन पायलट की बड़ी-बड़ी तस्वीरें देखी जा सकती हैं। हालांकि, अशोक गहलोत को पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया गया है। कुछ-कुछ पोस्टरों में गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा की भी तस्वीर लगाई गई है। मालूम हो कि झालावाड़ को बीजेपी नेता और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का गढ़ माना जाता है। यहां पर बड़ी संख्या में गुर्जर आबादी है। जब पायलट कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष थे, तब उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा भी की थी और माना जाता है कि इसने प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में काफी मदद भी की। 



Credit : https://livehindustan.com

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