India Nepal border stone pelting tension uttarakhand


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भारत में काली नदी किनारे तटबंध बना रहे श्रमिकों पर पथराव का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। इस मामले में बुधवार को दोनों देशों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। जिसमें दोनों देशों के जिलाधिकारी भाग लेंगे। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी किनारे दो जगह तटबंध बना रहे श्रमिकों पर नेपाल के लोगों ने रविवार को पथराव किया था, जिसके बाद बॉर्डर पर टेंशन हो गई थी। 

पत्थरबाजी में एक श्रमिक घायल हो गया था। इस मामले के सामने आने के बाद रविवार को नेपाल में पत्थरबाजों ने झूलापुल बंद किया था। इसके बाद सोमवार को भारतीय व्यापारियों ने तीन घंटे तक पुल नहीं खुलने दिया। जिससे सीमा पर तनाव की स्थिति बनीं रही। अब भारतीय व्यापारी सभी पत्थरबाजों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

भारत नेपाल समन्वय समिति की बैठक बुधवार को धारचूला लोनिवि विश्राम गृह में होगी। जिसमें डीएम रीना जोशी के साथ नेपाल दार्चूला के जिलाधिकारी भी भाग लेंगे। इस बैठक में एसपी,एसएसबी, आईटीबीपी के साथ ही तटबंध बना रहे सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

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डीएम जोशी ने बताया कि बैठक में काली नदी किनारे तटबंध निर्माण के दौरान पथराव मामले पर चर्चा होगी। कहा कि नेपाल के अधिकारियों से कहा जाएगा कि इस मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मालूम हो कि पत्थरबाजी के बाद धारचूला के व्यापारियों ने सोमवार सुबह एसएसबी के जवानों को पुल नहीं खोलने दिया।

इससे दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग फंस गए।  व्यापारियों का कहना था कि पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तभी पुल खुलेगा। हालांकि बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर व्यापारी मान गए। करीब सवा दो घंटे बाद पुल खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।  

धारचूला में नेपाल को जोड़ने वाला झूलापुल सुबह साढ़े छह बजे खोला जाता है। लेकिन सोमवार को व्यापारियों ने एसएसबी के जवानों को पुल नहीं खोलने दिया।  करीब सवा दो घंटे तक सुरक्षा कर्मी प्रदर्शनकारियों को मनाते रहे, लेकिन व्यापारी नेपाल के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में एसडीएम दिवेश शासनी ने व्यापारियों को भरोसा दिया कि जल्द नेपाली अफसरों से मिलकर विवाद का स्थायी हल निकाला जाएगा। इसके बाद करीब 8:40 बजे व्यापारी पुल खोलने को तैयार हुए। 

भारतीय अफसरों की नाराजगी से नेपाल नरम

नेपाल की तरफ से हुई पत्थरबाजी के बाद भारतीय अफसरों ने सोमवार को नेपाल पहुंचकर नाराजगी जताई है। एडीएम फिंचा राम चौहान और एसडीएम दिवेश शासनी नेपाल के दार्चुला पहुंचे। एडीएम चौहान ने बैठक के बाद बताया कि दार्चुला के सीडीओ दीर्घ राज उपाध्याय ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



Credit : https://livehindustan.com

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