BJPs defeat in Kurukshetras battlefield an eye opener ahead of 2024 polls – India Hindi News


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हरियाणा में परिषदीय चुनाव में भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। बात करें कुरुक्षेत्र की तो यहां भाजपा के दो विधायकों और एक सांसद होने के बावजूद कुरुक्षेत्र में पार्टी वोटर्स के प्रभावित नहीं कर पाई। जबकि सरकार ने यहां विकास परियोजनाओं पर भी काफी खर्च किया है। 2024 के चुनाव से  पहले इसे भाजपा के लिए बुरा संकेत भी कहा जा सकता है। यहां जिला परिषद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है। 

कुरुक्षेत्र भाजपा की धार्मिक राजधानी है। भाजपा सरकार ने यहां विकास परियोजनाओं पर काफी खर्च किया है। भाजपा सरकार ने कृष्ण सर्किट पर 100 करोड़ रुपये, भगवान के कृष्ण के विराट स्वरूप वाली 50 फीट ऊंची प्रतिमा पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हरियाणा सरकार ने कुरुक्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 किलोमीटर का बोट वे बनाने के लिए भी 100 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें एक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और 48 कोस की परिक्रमा के मार्ग में आने वाले धार्मिक स्थानों और गांवों के विकास का कार्य भी शामिल है। 

भजपा के थानेसर से विधायक सुभाष सुधा ने दावा किया है कि अलग-अलग विकास कार्यों में 1618 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उनका कहना है कि पिछले सात साल में थानेसर विधानसभा में  भी सरकार ने बहुत खर्च किया है। वहीं हर साल आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भी सरकार खर्च करती है। हालांकि जिले में जिला परिषद के 17 वॉर्ड में से भाजपा ने केवल 15 पर उम्मीदवार उतारे थे। यहां भाजपा के उम्मीदवारों को 72729 वोट मिले जो कि कुल वोट का 21.86 फीसदी है। केवल तीन वॉर्ड में ही  भाजपा प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई।

जीतने वाले भाजपा प्रत्याशियों में रविंदर कौर, धर्मपाल और सचिन कुमार हैं। इन्होंने क्रमशः 6,11 और 14 नंबर वॉर्ड से जीत हासिल की है। यह हाल तब है जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने यहां अपने प्रत्याशी उतारे ही नहीं थे बल्कि निर्दलीय प्रत्याशियों का समर्थन किया था। वहीं भाजपा की सहयोगी जेजेपी भी चुनाव नहीं लड़ी थी। भाजपा को निर्दलीय उम्मीदवारों ने कड़ी टक्कर दी है। वॉर्ड नंबर 3 से चुनाव लड़ने वाली भाजपा प्रत्याशी रेखा रानी को केवल 631 वोट मिले और वह 8वें स्थान पर रहीं। वहीं वॉर्ड नंबर 17 से चुनाव लड़ने वाले सुल्तान सिंह पांचवे स्थान पर रहे। इसी तरह रीना देवी भी चौथे स्थान पर रहीं। 

यहां भाजपा के पांच प्रत्याशी दूसरे स्थान पर  रहे। वहीं कुरुक्षेत्र में आम आदमी पार्टी भी अपना खाता खोलने में कामयाब रही। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा के कमजोर प्रचार और सभी सीटों पर प्रत्याशी ना उतारने की वजह से यह हाल हुआ है। भाजपा नेताओं का  कहना है कि जमीनी स्तर पर लोगों से संपर्क बनाने में कमी रह गई। उन्होंने कहा कि भाजपा के बहुत  सारे ऐसे नेता हैं जो कि कार्यकर्ता के साथ तालमेल नहीं बना  पा रहे हैं। यह 2024 के लिए  पार्टी को मजबूत करने के बीच रोड़ा बन सकता है।



Credit : https://livehindustan.com

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