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Monday, September 26, 2022
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कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के संभावित उम्मीदवार शशि थरूर को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है। वह, अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति से मुलाकात कर चुके हैं। अब कहा जा रहा है कि पार्टी थरूर को भी नाराज करने के मूड में नहीं है। खबर है कि अगर तिरुवनंतपुरम सांसद को पार्टी कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC में जगह दे सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे लेकर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सोनिया और थरूर की इस सप्ताह हुई मुलाकात के दौरान यह फैसला लिया गया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया, ‘थरूर ने G-23 में रहने के बाद भी गांधी परिवार से अच्छे संबंध रखना सुनिश्चित किया है। गांधी उनकी क्षमताओं को प्रोत्साहित करते हैं और जानते हैं कि अगर उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया तो वह कितना नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।’ साथ ही यह भी बताया गया कि गांधी परिवार का मानना है कि थरूर को खुश रखने के लिए CWC में जगह काफी है।

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गहलोत को भी मनाया!

रिपोर्ट के अनुसार, गांधी परिवार ने गहलोत को सीएम पद छोड़ने और गद्दी सचिन पायलट को देने के लिए मना लिया है। समझौते के अनुसार, गहलोत ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के चुनाव के आसपास इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा है, तो यह साफ है कि गहलोत की तरफ से की जा रही राजस्थान के स्पीकर सीपी जोशी को सीएम बनाने की तरकीब काम नहीं कर रही है।

खबरें आती रही हैं कि 71 वर्षीय नेता कांग्रेस अध्यक्ष बनने की स्थिति में भी राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहना चाहते थे। जबकि, उदयपुर घोषणापत्र में ‘एक व्यक्ति एक पद’ की बात कही गई है। इधर, पूर्व अध्यक्ष राहुल  गांधी भी संकेत दे रहे हैं कि एक साथ दो पद संभालना संभव नहीं है।

क्या पायलट को भी साध लिया?

रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट के करीबी सूत्र ने जानकारी दी, ‘साल 2018 में जब गहलोत तीसरी बार सीएम बने तो लग रहा था कि पायलट को साइडलाइन कर दिया है। अब पायलट को और दरकिनार नहीं किया जा सकता, क्योंकि दिसंबर 2023 में राजस्थान विधानसभा चुनाव होने हैं। साथ ही राहुल की पदयात्रा भी राज्य में 21 दिन रहेगी। अगर कांग्रेस में गतिरोध जारी रहा, तो यह उनकी यात्रा पर भी सवाल उठाएगा।’

थरूर का पलड़ा कमजोर है?

पार्टी के ही नेता थरूर पर सवाल उठा रहे हैं। गुरुवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने ट्वीट किया, ‘एक तरफ कार्यकर्ताओं व ज़मीन से जुड़े हुए अशोक गहलोत जी, जिन्हें 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार मुख्यमंत्री, 5 बार सांसद, 5 बार विधायक रहने का अनुभव हो, जिन्होंने सीधी टक्कर में मोदी-शाह को पटखनी दी हो, जिनका 45 वर्ष का निष्कलंक राजनीतिक जीवन हो।’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट किया, ‘वहीं दूसरी तरफ शशि थरूर साहब हैं, जिनका पिछले 8 वर्षों में पार्टी के लिए एक ही प्रमुख योगदान है- कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी जी को तब चिट्ठियां भेजी जब वह अस्पताल में भर्ती थीं, इस कृत्य ने मेरे जैसे पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं को पीड़ा पहुंचाई। चयन बहुत सरल और स्पष्ट है।’ एक चैनल से बातचीत में लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप कह चुके हैं कि थरूर को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।

कांग्रेस की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 30 सितंबर तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी। वहीं, 17 अक्टूबर को पार्टी प्रमुख के लिए मतदान किया जाएगा। 19 अक्टूबर को मतगणना होगी।



Credit : https://livehindustan.com

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