ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार, राज्यसभा में बोले कांग्रेस सांसद अहमद पटेल

ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार, राज्यसभा में बोले कांग्रेस सांसद अहमद पटेल

राज्यसभा में आज कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने ऑनलाइन कक्षाओं और फीस का मुद्दा उठया. अहमद पटेल ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते पिछले 6 महीने से स्कूल बंद हैं, और कई सरकारी और निजी स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर रहे हैं.

ऑनलाइन कक्षाओं के पीछे स्कूल का मकसद सिर्फ फीस वसूलना है. कांग्रेस नेता ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं के लिए दी जाने वाली फीस की वजह से आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों पर मानसिक और वित्तीय बोझ पड़ रहा है. ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार

सरकार एसे छात्रों को वित्तीय सहायता दे , जिससे वह ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कंप्यूटर या लैपटॉप खरीद सकें, क्यों कि इन बच्चों के पास पढ़ाई के लिए पर्सनल कंप्यूटर या स्मार्टफोन नहीं है.

ऑनलाइन कक्षाओं के लिए गरीब छात्रों को मिले आर्थिक सहायता

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने इस बात पर भी जोर दिया कि मध्यम वर्गीय परिवारों में एक ही स्मार्टफोन होता है, परिवार के सभी सदस्य मिलकर एक फोन का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सरकार को छात्रों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए. ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार

संसाधनों के अभाव में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र ऑनलाइन कक्षाओं का फायदा नहीं ले पा रहे हैं. सदन में अहमद पटेल बोले कि सरकार को डिजिटल इंडिया को अमीर और गरीब के बीच डिजिटल विभाजन का कारण नहीं बनने देना चाहिए.

गुजरात, दिल्ली, केरल और बंगाल जैसे कुछ राज्यों में छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं के तनाव के कारण आत्महत्या तक कर ली है. पटेल ने कहा कि 75 वें नेशनल सैंपल सर्वे के दौरान पता चला है कि केवल 24 प्रतिशत घरों में ही इंटरनेट का उपयोग हो रहा है. ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार

केवल 9 प्रतिशत छात्र ही इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं. वहीं गुजरात शिक्षा विभाग के सर्वेक्षण के हिसाब से केवल 3 प्रतिशत छात्रों के पास ही लैपटॉप या पर्सनल कंप्यूर है. और 4 प्रतिशत छात्र असीमित डेटा योजनाओं के साथ स्मार्ट फोन का प्रयोग कर रहे हैं

ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले 70 प्रतिशत छात्र आलसी-सर्वे

दिल्ली के सर्वे के हिसाब से राज्य के 80 प्रतिशत घरों में लैपटॉप और कंप्यूटर ही नहीं है. वहीं तेलंगाना टीचर फेडरेशन के सर्वे में चौंकाने वाली बात सामने आई है कि ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्रों में 70 प्रतिशत छात्र निष्क्रिय है. ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार

पटेल ने कहा कि अगर क्षेत्रीय असंतुलन की बात की जाए तो मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में इंटरनेट की पहुंच गोवा, दिल्ली और हिमाचल की तुलना में कम गुणवत्ता वाली है. अहमद पटेल ने कहा.

2014 में सरकार ने ढाई लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का वादा किया था, लेकिन अब तक सिर्फ 23 हजार ग्राम पंचायतें ही ब्रॉडबैंड से जुड़ पाई हैं. दूसरी योजनाओं की तरह यह भी सिर्फ वादा ही रह गया. ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार

उन्होंने कहा कि सरकार से निवेदन है कि वर्तमान स्थितियों को देखते हुए इस महत्वपूर्ण विषय की कुछ मांगों पर विचार किया जाए. अहमद पटेल ने सरकार के सामने मांग रखी कि एक टास्क फोर्स का गठन हो.

जो इस बात का अध्ययन करे कि कैसे ऑनलाइन कक्षाएं छात्रों और उनके परिवारों पर गंभीर मानसिक तनाव डाल रही हैं. केंद्र सरकार को राज्यों से परामर्श के बाद राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों को तय करना चाहिए. ऑनलाइन क्लास-फीस में गरीब छात्रों की मदद करे सरकार

जिससे ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के नियम और तरीके तय हों. शिक्षा पाठ्यक्रम में बदलाव की जगह केंद्र सरकार को गरीब छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ने के लिये सहायता प्रदान करने और उसके लिये वित्तीय व्यवस्था पर काम करना चाहिए.

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