Eye redness: क्या सामान्य है हमेशा आंखों का लाल रहना? इससे राहत पाने के ये हैं आसान तरीके


हाइलाइट्स

आंखों का लाल रहना आमतौर पर हानिरहित होता है.
आई रेडनेस प्रॉब्लम समय के साथ विकसित हो सकती है या एकदम भी नजर आ सकती है.
कुछ सामान्य चीजों का ध्यान रख कर इस समस्या से बचा जा सकता है.

Eye redness: आंखों का लाल रहना आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है और होम रेमेडीज और ओवर-द-काउंटर ट्रीटमेंट से इनमें सुधार आ सकता है. आंखो का लाल रहना यानी आई रेडनेस की समस्या तब होती है, जब आंखों के सरफेस के नीच के छोटे ब्लड वेसल्स बड़े और इंफ्लेमड हो जाते हैं. यह समस्या एक या दोनों आंखों में हो सकती है. आई रेडनेस प्रॉब्लम समय के साथ विकसित हो सकती है या एकदम भी नजर आ सकती है.

कई बार यह समस्या आंखों में दर्द, खुजली, आई डिस्चार्ज, आंखों में सूजन आदि के साथ भी होती है. अधिकतर मामलों में यह परेशानी सामान्य और हानिरहित होती है. लेकिन, अगर आई रेडनेस एक या एक से अधिक हफ्ते तक रहे, तो इससे विजन प्रभावित हो सकती है. आखें लाल होने के साथ ही अगर इनमें दर्द भी हो, तो तुरंत डॉक्टर से बात करना जरूरी है. जानिए क्या हो सकते हैं इसके कारण?

आई रेडनेस के कारण

मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार, आंखों के लाल रहने के कई कारण हो सकते हैं. यह माइनर इर्रिटेशन से लेकर किसी गंभीर कंडिशन का संकेत भी हो सकती है जैसे इंफेक्शन. इसके कुछ कारण इस प्रकार हैं:

-आई ड्राइनेस
-बहुत अधिक सन एक्सपोजर
-आंखों में डस्ट या अन्य पार्टिकल्स
-एलर्जी
-इंफेक्शन
-इंजरी
-ब्लेफेराइटिस
-कंजंक्टिवाइटिस
-यूवाइटिस
-कोल्ड
-एक्यूट ग्लूकोमा
-कॉर्नियल स्क्रैचेज

आई रेडनेस से बचाव कैसे संभव है?

आंखों का लाल रहना अकेले किसी समस्या का विषय नहीं है. लेकिन, अगर इसके साथ आपको अन्य समस्याएं भी हों तो डॉक्टर से बात करना जरूरी है. आंखों में लालिमा की समस्या से बचाव इस तरह से संभव है:

-अपनी आंखों को मलने से बचें. हाथों और उंगलियों में मौजूद जर्म्स और मिट्टी से अधिक रेडनेस या समस्या बढ़ सकती है.
-अगर आप कांटैक्ट लेंसेज पहनते हैं, तो उन्हें साफ रखें और अधिक समय तक पहनने से बचें.
-अपनी आंखों को साफ रखें और आई मेकअप को सही से रिमूव करें.
-कंप्यूटर पर काम करते हुए बीच में ब्रेक अवश्य लें.
-इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कि यह समस्या अधिक गंभीर तो नहीं है, अपना आई एग्जाम कराएं.

ये भी पढ़ें: खूब पानी पीएं, मसालों का करें सेवन, जानें मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और कैलोरी बर्न करने के 5 तरीके

ये भी पढ़ें: बच्चे को हो जाए सर्दी-जुकाम या फ्लू तो घर पर ऐसे करें उपचार, जानें कब डॉक्टर के पास ले जाना है ज़रूरी

Tags: Well being, Life-style



Source link

Related Articles

Latest Articles

Top News