Diabetes care: डायबिटीज में अगर बढ़ती है मीठा खाने की चाहत, तो इन 5 फूड को करें ट्राई


हाइलाइट्स

ऐसा फूड जिसमें क्रोमियम पाया जाता है, उसका सेवन करने से डायबिटीज मरीजों की शुगर क्रेविंग कम होती है
स्टीविया तुलसी के पौधे की तरह का एक प्लांट है जो डायबिटीज मरीजों के लिए रामबाण से कम नहीं है.

Meals for diabetes: खराब लाइफस्टाइल और गलत खान पान से संबंधित बेहद गंभीर क्रोनिक बीमारी है डायबिटीज. डायबिटीज के कारण शरीर में कई अन्य बीमारियां पनपती हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक विश्व में करीब 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. इसके साथ ही करीब 15 लाख लोगों की मौत हर साल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डायबिटीज के कारण होती है. डायबिटीज में ब्लड शुगर का लेवल बहुत बढ़ जाता है. जब भी मीठी चीजें खाते हैं तब खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है. लेकिन यह भी सच है कि डायबिटीज के मरीजों को अक्सर मीठा खाने का मन करता है. खासकर सर्दी में बहुत अधिक मीठा खाने की चाहत होती है. ऐसे में इसे रोकना मुश्किल हो जाता है. लेकिन कुछ ऐसे फूड हैं जिनका सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों को मीठा खाने की चाहत बहुत ज्यादा होती है.

5 फूड जिनसे मीठा खाने की चाहत नहीं होगी

स्टीवियाः इंडिया टूडे की खबर के मुताबिक स्टीविया तुलसी के पौधे की तरह का एक प्लांट है जो डायबिटीज मरीजों के लिए रामबाण से कम नहीं है. इसके पत्ते बहुत मीठे होते हैं. इसमें कार्बोहाइड्रेट बिल्कुल नहीं होता और इसमें किसी तरह का आर्टिफिशियल प्रोडक्ट भी नहीं होता. यह इतना मीठा होता है कि चीनी भी इसके सामने फीकी है. हालांकि खाने के बाद यह तीखा हो जाता है, इसलिए ज्यादातर लोगों को यह पसंद नहीं है लेकिन डायबिटीज में इसका सेवन बहुत फायदेमंद है. इससे चीनी की तलब नहीं होती.

मॉन्क फ्रूट-मॉन्क फ्रूट तरबूज की तरह का छोटा फल जो चीन में बहुत पाया जाता है. अब अपने देश में मॉन्क फ्रूट की कमी नहीं. इसे सूखाकर भी बेचा जाता है. माना जाता है कि यह मॉन्क फ्रूट 250 गुना ज्यादा मीठा होता है. इसमें जीरो कैलोरी और जीरा कार्ब्स होता है. इसलिए यह ब्लड शुगर को कतई नहीं बढ़ाता है.

बेरबेरीन-बेरबेरीन के पौधें का इस्तेमाल सूजन को कम करने में किया जाता है. बेरबेरीन से संक्रामक रोगों, डायबिटीज, कब्ज और अन्य बीमारियों का इलाज किया जाता है. इसका नियमित सेवन ब्लड शुगर को बहुत कम कर देता है. बेरबेरिन के कुछ प्रमुख स्रोतों में यूरोपीय बैरबेरी, गोल्डेनसील, गोल्डथ्रेड, ओरेगन अंगूर, फेलोडेंड्रोन और ट्री हल्दी में भी पाया जाता हैं. इन पौधों के तने, छाल और जड़ों का इस्तेमाल किया जाता है.

क्रोमियम-ऐसा फूड जिसमें क्रोमियम पाया जाता है, उसका सेवन करने से डायबिटीज मरीजों की शुगर क्रेविंग कम होती है. क्रोमियम ब्लड शुगर को बहुत कम करता है. रतालू, बिछुआ, कटनीप, जेई, मुलेठी, हॉर्सटेल, यारो, लाल तिपतिया घास और सरसापैरिला में क्रोमियम की मात्रा बहुत पाई जाती है. यानी भारत में रतालू और मुलेठी का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर होता है.

मैग्नीशियम-मैग्नीशियम इंसुलिन रिसेप्टर्स के साथ मिलकर काम करता है जो ब्लड शुगर को कम करने में बहुत फायदेमंद है. जड़ी-बूटियां, तुलसी, धनिया, पुदीना, डिल, थाइम, मरजोरम, तारगोन और अजमोद हैं जैसी चीजों में मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है.

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