बैक पॉकेट में रखते हैं वॉलेट, सेहत पर पड़ता है बुरा असर, इस सिंड्रोम के हो सकते हैं शिकार


Fats Pockets Aspect Results: घर से बाहर निकलते समय ज्यादातर पुरुष अपना वॉलेट कैरी करना नहीं भूलते हैं. वहीं वॉलेट को कई लोग पैंट या जींस की पीछे वाली पॉकेट में रखना पसंद करते हैं. मगर क्या आप जानते हैं कि बैक पॉकेट में वॉलेट (Fats pockets) रखने से आपको काफी नुकसान उठाने पड़ सकते हैं. वहीं पीछे की जेब में पर्स रखने से पुरुषों को कई हेल्थ इशूज भी हो सकते हैं.

पुरुष अमूमन अपनी जरूरत का सारा सामान पर्स में ही रखते हैं. कैश से लेकर कार्ड्स और कागजात जैसी ज्यादातर चीजें पुरुषों के वॉलेट में आसानी से देखने को मिल जाती हैं. हालांकि कई चीजें रखने से पुरुषों की पर्स काफी मोटी हो जाती है. जिसके चलते पीछे वाली जेब में पर्स रखने के कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. तो आइए इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जानते हैं बैक पॉकेट में पर्स रखने के नुकसान.

दर्द की शिकायत

बैक पॉकेट में वॉलेट रखने से पुरुषों के शरीर में दर्द शुरु हो सकता है. एक्सपर्ट के अनुसार पीछे वाली जेब में मोटा पर्स रखने के कारण ज्यादातर पुरुषों को लगभग तीन महीने तक बैक पेन और पैरों में दर्द का सामना करना पड़ सकता है.

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कमजोर होंगी नसें

पैंट की पीछे वाली जेब में मोटी पर्स रखने से पुरुषों की नसें भी कम उम्र में कमजोर होने लगती हैं. खासकर पीठ के निचले हिस्से और स्लिप डिस्क की नस डैमेज होने का भी खतरा रहता है. वहीं ज्यादातर पुरुष दाहिनी जेब में पर्स कैरी करते हैं. जिसके चलते पुरुषों की दाहिनी साइटिक नस काफी प्रभावित हो सकती है.

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फैट वॉलेट सिंड्रोम

ऑफिस में घंटो काम करने के दौरान भी पुरुष अक्सर बैक पॉकेट में फैट वॉलेट कैरी करते हैं. जो कि पाइरीफोर्मिस मसल्स को दबाने का काम करता है. वहीं साइटिक नस भी पाइरीफोर्मिस मसल्स से ही होकर गुजरती है. ऐसे में वॉलेट के चलते साइटिक नस भी दबने लगती है. जिसके कारण पुरुषों को कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं.

राहत पाने के उपाय

वॉलेट रखने के कारण तमाम हेल्थ इशूज को अवॉयड करने के लिए आप कुछ आसान तरीकों की मदद ले सकते हैं. ऐसे में बैठते समय पीछे वाली जेब से पर्स निकाल कर आप बैक पेन को ट्रिगर होने से बचा सकते हैं. वहीं पाइरीफोर्मिस मसल्स की स्ट्रेचिंग एक्सरसारइज करके आप कुछ ही दिनों में दर्द से भी राहत पा सकते हैं.

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