पैरेंट्स के इन तानों से हर्ट हो सकते हैं बच्चे, भूलकर भी न करें ये गलतियां


हाइलाइट्स

हर समय बच्चे को बेवकूफ बोलने से उसका कॉन्फिडेंस कम हो जाता है.
अपशब्दों का प्रयोग करने से बच्चे इनसिक्योरिटी महसूस करने लगते हैं.

Parenting Ideas: पैरेंट्स बच्चों को दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करते हैं. वहीं बच्चों के मिसबिहेव (Misbehave) करने पर पैरेंट्स बच्चों को डांटना भी नहीं भूलते हैं. जाहिर है प्यार और दुलार के साथ-साथ माता-पिता की मार और डांट भी बच्चों की बेहतर परवरिश का हिस्सा होती है. कई बार गुस्से में आकर पैरेंट्स बच्चों को कुछ बातों के ताने देने लगते हैं. जिसके आपके बच्चों पर उल्टे असर देखने को मिल सकते हैं. माता-पिता के कुछ ताने नै सिर्फ बच्चों को हर्ट कर सकते हैं बल्कि इससे बच्चे बिगड़ने भी लगते हैं. इसलिए पैरेंट्स को कुछ ताने भूलकर भी बच्चों को नहीं देने चाहिए.

बच्चों को न कहें बेवकूफ
कुछ पैरेंट्स बच्चों को हर बात पर बेवकूफ कहते रहते हैं. बेशक पैरेंट्स के लिए बेवकूफ शब्द काफी नॉर्मल होता है. मगर इससे बच्चों का आत्मविश्वास कम होने लगता है और बच्चे कुछ समय में खुद को दूसरों से कम आंकना शुरू कर देते हैं.

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इमोशन्स को न दें नाटक का नाम
पैरेंट्स अक्सर बच्चों के जिद करने या कोई बात शेयर करने पर उसे नाटक का नाम दे देते हैं. ऐसे में पैरेंट्स कई बार बच्चों को कहते हैं कि ज्यादा नाटक मत किया करो. आपके ये शब्द बच्चों को हर्ट कर सकते हैं और बच्चे इमोशनली वीक होने लगते हैं. बच्चों के इमोशन्स को समझने की कोशिश करें और उनकी एक्टिविटी को हमेशा नाटक करार देने से बचें.

अपशब्द कहने से बचें
कई बार पैरेंट्स बच्चों के लिए बेवकूफ, बुद्धू, नौटंकी और नालायक जैसे वाक्य का प्रयोग करते हैं. जिससे बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस कम होने लगता है और बच्चे खुद को इनसिक्योर महसूस करने लगते हैं. इसलिए बच्चों को डांटते समय अपशब्दों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.

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बर्दाश्त न करने की धमकी
बच्चों के गलती करने पर पैरेंट्स अक्सर बच्चों से कह देते हैं कि वो बच्चों की बुरी आदतों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. बच्चों को सुधारने के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल पूरी तरह से गलत होता है. इससे न सिर्फ बच्चे माता-पिता से डरना शुरू कर देते हैं बल्कि पैरेंट्स से कई सारी बातें छुपाने भी लग जाते हैं.

तकलीफ का ताना न मारें
बच्चों की बातों पर कुछ पैरेंट्स अक्सर बच्चों से पूछ बैठते हैं कि उनको क्या दिक्कत है. मगर पैरेंट्स का ये बर्ताव बच्चों को दुखी कर सकता है. ऐसे में बच्चों को तानें मारने से बेहतर होगा कि पैरेंट्स बच्चों को प्यार से बिठाकर उनकी परेशानी जानने की कोशिश करें.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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