अनहेल्दी मेंटल हेल्थ के कारण हो सकती हैं हार्ट से जुड़ी कई परेशानियां, रिसर्च में हुआ खुलासा


हाइलाइट्स

रिसर्च के मुताबिक अनहेल्दी मेंटल हेल्थ के कारण हार्ट डिजीज हो सकती हैं
मेंटल हेल्थ पेशेंट्स को रेगुलर कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ की जांच करानी चाहिए.

Psychological Well being & Coronary heart Illness: हार्ट अटैक, कार्डिएक सर्जरी या हाल ही में हार्ट डिजीज का निदान होने पर रोगी का दुखी या डिप्रेस होना सामान्य है. ये इमोशंस भविष्य को लेकर हो सकते हैं या इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं. ऐसे ही, अनहेल्दी मेंटल हेल्थ के कारण हार्ट डिजीज भी हो सकती हैं. यह तो हम सभी जानते हैं कि खराब मेंटल हेल्थ का प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है, जिसमें हार्ट डिजीज भी शामिल हैं. कुछ कॉमन फैक्टर्स जो हार्ट डिजीज के रिस्क को बढ़ाने में मदद करते हैं, उनमें खराब डाइट, स्मोकिंग, एक्सरसाइज न करना आदि शामिल हैं, जो मेंटल हेल्थ इशूज पेशेंट्स में भी सामान्य हैं. आइए, अनहेल्दी मेंटल हेल्थ और हार्ट डिजीज के बारे में की गई रिसर्च के बारे में जानते हैं.

अनहेल्दी मेंटल हेल्थ के कारण हो सकती हैं हार्ट डिजीज
एक स्टडी के अनुसार मेंटल हेल्थ कंडिशंस जैसे डिप्रेशन और एंजायटी से पीड़ित लोगों को कार्डियोवैस्कुलर प्रॉब्लम्स होने की संभावना अधिक रहती है. मेडिकल न्यूज टुडे में पब्लिश एक रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि मेंटल हेल्थ कंडिशंस का ऑटोनोमिक फंक्शन्स पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर में बहुत अधिक असर हो सकता है. यानी, मेंटल हेल्थ प्रोब्लेम से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज यानी हार्ट कंडिशंस और ऑर्गन डैमेज का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि, इनके बारे में की गयी रिसर्च सीमित है. ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम सेल्स का एक कॉम्प्लेक्स नेटवर्क है, जो कई शारीरिक प्रोसेसेज को रेगुलेट करता है जैसे ब्रीदिंग पैटर्न को सही रखना, ब्लड प्रेशर को सही रखना और हार्ट रेट को मॉडरेट करना आदि. यह भी पाया गया है मेंटल हेल्थ प्रोब्लेम का ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट के बीच में भी कनेक्शन है. यानी, मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानी ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट की समस्या बढ़ा सकती हैं.

इस स्थिति में क्या करना चाहिए
मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर्स से पीड़ित लोगों को खुद एवं उनका ध्यान रख रहें लोगों डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह का पालन करना चाहिए. एक्स्पर्ट्स के अनुसार ऐसे रोगियों को साइकियाट्रिक मेडिकेशन्स लेने से पहले और बाद में नियमित कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ की जांच करानी चाहिए और वो ट्रीटमेंट करने चाहिए, जो हार्ट रिलेटेड स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं.

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Tags: Well being, Coronary heart Illness, Way of life, Psychological well being



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